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वास्तु के अनुसार कौन सा पेड़ किस दिशा में लगाना होता है शुभ

पेड़-पौधे न सिर्फ पर्यावरण के लिए लाभदायक होते हैं, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, ये हमारे जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। वास्तु में पेड़ लगाने की दिशा का विशेष महत्व माना जाता है। सही दिशा में लगाए गए पेड़ सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं। आइए, थोड़ा विस्तार से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार पेड़ लगाने की कौन सी दिशाएं शुभ मानी जाती हैं और उनसे मिलने वाले लाभ क्या हैं:

वास्तु के अनुसार कौन सा पेड़ किस दिशा में लगाना होता है शुभ

उत्तर दिशा: धन-समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक

उत्तर दिशा को वास्तु में धन-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दिशा में फलदार और फूल वाले पेड़ लगाने से घर में धन का प्रवाह बढ़ता है, समृद्धि आती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • फलदार पेड़: नींबू, अमरूद, अनार, जामुन, मौसमी
  • फूल वाले पेड़: चंपा, गुलाब, मोगरा, चमेली

इस दिशा में नींबू, अमरूद, अनार, जामुन और मौसमी जैसे फलदार पेड़ लगाना शुभ माना जाता है। वहीं, चंपा, गुलाब, मोगरा और चमेली जैसे फूल वाले पेड़ भी इस दिशा के लिए उपयुक्त हैं।

पूर्व दिशा: स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक

पूर्व दिशा को स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इस दिशा में फलदार और फूल वाले पेड़ लगाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है, सफलता प्राप्त होती है और ज्ञान में वृद्धि होती है।

  • फलदार पेड़: केला, नारियल, आम, पपीता, बेल
  • फूल वाले पेड़: सूरजमुखी, गेंदा, चमेली, रात की रानी

पूर्व दिशा में केला, नारियल, आम, पपीता और बेल जैसे फलदार पेड़ लगाना लाभकारी होता है। इसके अलावा, सूरजमुखी, गेंदा, चमेली और रात की रानी जैसे फूल वाले पेड़ भी इस दिशा के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।

दक्षिण दिशा: नकारात्मकता को दूर करने वाली दिशा

वास्तु में दक्षिण दिशा को आम तौर पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, इस दिशा में भी कुछ खास पेड़ लगाकर नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सकता है।

  • फलदार पेड़: नीम, बरगद (घर के अंदर या बहुत निकट नहीं लगाना चाहिए)
  • फूल वाले पेड़: चंपा, मोगरा, गुलाब, चमेली

इस दिशा में नीम का पेड़ लगाना सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा, बरगद का पेड़ भी इस दिशा के लिए उपयुक्त है, लेकिन ध्यान रखें कि इसे घर से दूर ही लगाएं। वहीं, चंपा, मोगरा, गुलाब और चमेली जैसे फूल वाले पेड़ भी इस दिशा में लगाए जा सकते हैं।

पश्चिम दिशा: संतान सुख और रिश्तों में मधुरता लाने वाली दिशा

पश्चिम दिशा को संतान और रिश्तों का प्रतीक माना जाता है। इस दिशा में फलदार और फूल वाले पेड़ लगाने से संतान सुख प्राप्त होता है, रिश्तों में मधुरता आती है और प्रेम में वृद्धि होती है।

  • फलदार पेड़: इमली, जामुन, अनार, मौसमी
  • फूल वाले पेड़: चंपा, गुलाब, मोगरा, चमेली

पश्चिम दिशा में इमली, जामुन, अनार और मौसमी जैसे फलदार पेड़ लगाना शुभ होता है। साथ ही, चंपा,

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पूछे जाने वाले प्रश्न

वास्तु में पेड़ लगाने का क्या महत्व है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पेड़ लगाने का न केवल पर्यावरणीय महत्व है, बल्कि यह हमारे जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकता है। सही दिशा में लगाए गए पेड़ सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर दिशा में फलदार पेड़ लगाने से धन-समृद्धि आती है, पूर्व दिशा में स्वास्थ्य अच्छा रहता है और पश्चिम दिशा में संतान सुख प्राप्त होता है।

क्या दक्षिण दिशा में कोई भी पेड़ लगा सकते हैं?

वास्तु में दक्षिण दिशा को आमतौर पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए यहां पेड़ लगाने में सावधानी बरतनी चाहिए। इस दिशा में सिर्फ कुछ खास पेड़ लगाने चाहिए, जैसे नीम या बरगद (घर से दूर)। तुलसी का पौधा भी दक्षिण दिशा में लगाने से बचना चाहिए।

पेड़ लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

पेड़ लगाते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
अपने घर की वास्तु का ध्यान रखते हुए ही पेड़ लगाएं।
पेड़ लगाने के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करें, जहां उसे पर्याप्त धूप और हवा मिल सके।
पेड़ की जड़ों को घर की नींव को नुकसान न पहुंचाने दें।
पेड़ों की नियमित रूप से देखभाल करें, उन्हें पानी दें और उनकी टहनियों को आवश्यकतानुसार काटें।

वास्तु के बारे में अधिक जानकारी कहां से प्राप्त कर सकते हैं?

वास्तु के बारे में अधिक जानकारी के लिए किसी वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे अच्छा होता है। इसके अलावा, आप पुस्तकों, ऑनलाइन लेखों या वीडियो से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी जानकारी को लागू करने से पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।

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